नेहरू कॉलोनी के बाद अब 3 हजार से अधिक मकानों पर कार्रवाई की आहट, डीटीपी के नोटिस से हजारों परिवारों में दहशत !
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रिपोर्ट – अरुण शर्मा, फरीदाबाद
फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) इंफोर्समेंट की नई कार्रवाई ने हजारों परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। डीटीपी विभाग ने शहर की 10 से अधिक कॉलोनियों में तीन हजार से ज्यादा मकानों और दुकानों को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किए हैं, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
विभाग ने जीवन नगर पार्ट-2, गौंछी, दीपावली एन्क्लेव, पंचशील एन्क्लेव, गोठड़ा मोहब्बताबाद, मांगर सहित कई क्षेत्रों में मकानों और दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा अवैध निर्माण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बिना नक्शा मंजूरी बने मकानों पर संकट
डीटीपी इंफोर्समेंट के अधिकारी यजन चौधरी के अनुसार, दुर्गा बिल्डर एक लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सरकार द्वारा विकसित क्षेत्र दीपावली एन्क्लेव, पंचशील एन्क्लेव तथा आसपास के इलाकों में निर्मित तीन हजार से अधिक मकानों को लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मकान बिना स्वीकृत नक्शों के बनाए गए हैं, जिसके चलते किसी भी समय ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध कॉलोनियों में प्लॉट बेचकर बसाए गए लोग
अधिकारियों के अनुसार जीवन नगर क्षेत्र में करीब पांच एकड़ भूमि पर बिना किसी वैध लाइसेंस के कॉलोनी विकसित की गई थी। जिस प्रॉपर्टी डीलर ने यह कॉलोनी काटी, उसके पास आवश्यक सरकारी अनुमति नहीं थी। विभाग का कहना है कि रजिस्ट्री होने से केवल जमीन का मालिकाना हक मिलता है, लेकिन बिना वैध अनुमति के उस पर मकान, दुकान या अन्य निर्माण करने का अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं होता।
नोटिस के बाद परिवारों की बढ़ी चिंता
नोटिस मिलने के बाद प्रभावित परिवारों में गहरी चिंता और बेचैनी देखी जा रही है। कई परिवारों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर अपने घर बनाए हैं और वर्षों से यहां रह रहे हैं। स्थानीय निवासी लाला राम, लक्की तथा अन्य लोगों ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद उनके परिवार मानसिक तनाव में हैं। उनका कहना है कि यदि उन्हें पहले कॉलोनी की कानूनी स्थिति की सही जानकारी होती तो वे यहां निवेश नहीं करते।
कानूनी सलाह और जवाबदेही की तलाश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई परिवार अब कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने में जुट गए हैं। वहीं कुछ लोग उन प्रॉपर्टी डीलरों और जमीन मालिकों से जवाब मांग रहे हैं जिन्होंने उन्हें प्लॉट बेचकर इन कॉलोनियों में बसने के लिए प्रेरित किया था। प्रभावित लोगों का आरोप है कि उन्हें कॉलोनियों की वास्तविक स्थिति और संभावित कानूनी जोखिमों की जानकारी नहीं दी गई।
लोगों को पक्ष रखने का मिलेगा अवसर
डीटीपी इंफोर्समेंट के अधिकारी यजन चौधरी ने कहा कि नोटिस जारी करने का उद्देश्य लोगों को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देना है। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों को सुनवाई का पूरा मौका दिया जाएगा और उसके बाद कानून के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नेहरू कॉलोनी में हालिया कार्रवाई के बाद अब डीटीपी की इस नई पहल ने फरीदाबाद के हजारों परिवारों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में विभाग की कार्रवाई और प्रभावित लोगों की कानूनी लड़ाई शहर में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है।
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