सोनीपत मेयर चुनाव: रूठे कमल दीवान माने, कांग्रेस ने संकट टाला; अब बीजेपी के राजीव जैन से सीधी टक्कर !
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सोनीपत (हरियाणा)
सोनीपत नगर निगम मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चुनाव न लड़ने का ऐलान करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी कमल दीवान अब मान गए हैं और उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया है। अब उनका मुकाबला भाजपा उम्मीदवार राजीव जैन से होगा।
नामांकन के एक दिन बाद ही कमल दीवान ने अचानक चुनाव न लड़ने का ऐलान कर दिया था, जिससे पार्टी में हलचल मच गई थी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की कॉल तक नहीं उठाई थी।
इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू किया। अंबाला में हुई अहम बैठक में कमल दीवान ने पार्टी नेताओं और दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय ले लिया। वे शाम 7 बजे सोनीपत पहुंचकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका औपचारिक ऐलान करेंगे।
पार्षद टिकटों पर सख्ती, 18 उम्मीदवारों की सूची जारी
कांग्रेस ने सोनीपत नगर निगम चुनाव के लिए पार्षद उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। हरियाणा मामलों के प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद की मंजूरी के बाद जारी इस सूची में 18 वार्डों के उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जबकि 4 वार्डों पर अभी भी फैसला लंबित है।
इस बार पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए उन पार्षदों की टिकट काट दी है, जिन पर पिछले चुनाव में भीतरघात या पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे थे। सूत्रों के अनुसार, वार्ड-18 से संजय टोंक और वार्ड-19 से डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत की टिकट काटी गई है।
भीतरघात और टिकट विवाद बना मुख्य कारण
सूत्रों के मुताबिक, कमल दीवान पिछले मेयर उपचुनाव की हार को अभी तक नहीं भूले हैं, जिसमें उन्हें करीब 35,766 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। उस समय भी उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं और पार्षदों पर भीतरघात के आरोप लगाए थे।
इस बार भी पार्षद टिकटों के वितरण को लेकर विवाद सामने आया। पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों को टिकट दिए जाने की चर्चा से दीवान नाराज बताए जा रहे थे।
हाईकमान के सामने चुनौती, समय कम
नामांकन की अंतिम तिथि 25 अप्रैल नजदीक होने के कारण कांग्रेस हाईकमान के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी। एक तरफ उम्मीदवार को मनाना था, तो दूसरी तरफ गुटबाजी खत्म कर संगठन को एकजुट रखना था। अंबाला की बैठक को इस पूरे घटनाक्रम का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
अन्य नगर निगमों में भी उम्मीदवार घोषित
कांग्रेस ने अन्य नगर निगमों के लिए भी अपने मेयर उम्मीदवार घोषित किए हैं—
अंबाला से कुलविंदर कौर को उम्मीदवार बनाया गया है।
पंचकूला से सुधा भारद्वाज को टिकट दिया गया है, जो कुमारी सैलजा की करीबी मानी जाती हैं।
पंचकूला में उम्मीदवार चयन को लेकर रविंद्र रावल का नाम भी चर्चा में था, लेकिन अनुशासनात्मक कारणों के चलते सहमति नहीं बन सकी।
रिपोर्ट: हर्षुल शर्मा, हरियाणा
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