Reliance मृत कर्मचारी के परिजनों को देगी 5 साल तक पूरी सैलरी,साथ मे 10 लाख की सहायता राशि ! – Republic Hindustan News

Republic Hindustan News

Latest Online Breaking News

Reliance मृत कर्मचारी के परिजनों को देगी 5 साल तक पूरी सैलरी,साथ मे 10 लाख की सहायता राशि !

😊 Please Share This News 😊

 

अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी के नेतृत्‍व वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने कोरोना के कारण मरने वाले अपने कर्मचारियों के परिवारों की मदद करने के लिए बड़ी घोषणा की है. कंपनी ने कहा है कि वह अपने मृत कर्मचारियों के परिजनों/नामितों को अगले 5 सालों तक कर्मचारी द्वारा प्राप्‍त अंतिम सैलरी का भुगतान किया जाएगा. कंपनी ने कहा कि वह ऐसे कर्मचारियों के बच्‍चों को कॉलेज से ग्रेजुएट होने तक शिक्षा का पूरा खर्च भी प्रदान करेगी।

कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्‍नी नीता अंबानी ने कहा कि कंपनी एक रिलायंस परिवार के अपने वादे को हमेशा पूरा करेगी और हमेशा परिवार को अपना समर्थन जारी रखेगी. पत्र में लिखा है कि भले ही ये समय बहुत अंधकारमय लग सकता है, हमेशा याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं और रिलायंस की पूरी संस्‍था आप और आपके परिवार के साथ हमेशा खड़ी है।

कंपनी ने कहा कि वह अपने मृत कर्मचारियों के बच्‍चों को ग्रेजुएट होने तक शैक्षणिक फीस, हॉस्‍टल खर्च और बुक्‍स के लिए आर्थिक मदद उपलब्‍ध कराएगी. कंपनी ने आगे कहा कि वह अपने मृत कर्मचारियों के जीवनसाथी, माता-पिता और बच्‍चों के अस्‍पताल में भर्ती होने के लिए इंश्‍योरेंस प्रीमियम टैरिफ का 100% खर्च भी वहन करेगी।

रिलायंस ने अपने ऑफ-रोल कर्मचारियों के लिए परिवार सहायता और कल्‍याण कार्यक्रम की घोषणा की है. मृत ऑफ-रोल कर्मचारी के नामित को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी. कोरोना से प्रभावित सभी कर्मचारियों को स्‍वयं या परिवार के सदस्‍यों के कोरोना से प्रभावित होने पर रिकवरी में लगने वाले संपूर्ण समय को स्‍पेशल कोरोना अवकाश माना जाएगा और इसके लिए कोई वेतन कटौती नहीं की जाएगी।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]

लाइव कैलेंडर

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
error: Content is protected !!