घर बैठे पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 43.12 लाख की ठगी, महिला समेत 10 गिरफ्तार ! – Republic Hindustan News

Republic Hindustan News

Latest Online Breaking News

घर बैठे पार्ट-टाइम जॉब और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 43.12 लाख की ठगी, महिला समेत 10 गिरफ्तार !

😊 Please Share This News 😊

रिपोर्ट – अरुण शर्मा, फरीदाबाद

      फरीदाबाद साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी और क्रिप्टो ट्रेडिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 43.12 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक से दबोचा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3.10 लाख रुपये नकद, दो सिम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

      पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सेक्टर-31 निवासी विकास ने 15 मई को साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उसे पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और बाद में टेलीग्राम के माध्यम से घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी तथा ऑनलाइन टास्क पूरा कर अच्छी कमाई का लालच दिया गया।

      शुरुआत में ठगों ने ई-कॉमर्स वेबसाइट के उत्पादों के लिंक पर क्लिक कर स्क्रीनशॉट भेजने जैसे आसान कार्य कराए और बदले में उसके खाते में छोटी-छोटी रकम भेजकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।

      आरोपियों ने एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उसके खाते में 30 से 50 प्रतिशत तक का नकली मुनाफा दिखाकर अधिक निवेश करने के लिए उकसाया। पीड़ित ने 17 मई से 1 जून के बीच आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 43.12 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी जमा राशि और कथित मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो निकासी रोक दी गई।

     इसके बाद ठगों ने खाता अपग्रेड शुल्क, केवाईसी शुल्क, एडवांस टैक्स और अन्य चार्ज के नाम पर लगातार और पैसे जमा कराने की मांग की। इतना ही नहीं, पुराने खाते को सस्पेंड बताकर नया ट्रेडिंग खाता भी खुलवा दिया। इसके बावजूद न तो निवेश की गई राशि वापस मिली और न ही कोई लाभ मिला। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

     जांच के दौरान साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने 17 जून को पहली कार्रवाई करते हुए नोएडा से प्रशांत शर्मा (उधानपुर, आगरा), विक्रम सिंह (मूल निवासी मधुबनी, बिहार) और विवेक कुमार (मूल निवासी मधुबनी, बिहार) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि विवेक खाताधारक था, जिसने अपना बैंक खाता विक्रम सिंह को उपलब्ध कराया और विक्रम ने वही खाता आगे प्रशांत शर्मा को सौंप दिया। प्रशांत ने बैंक खाते और उससे जुड़े दस्तावेज कूरियर के माध्यम से साइबर ठगों तक पहुंचाए। जांच में पता चला कि इस खाते में ठगी की रकम में से लगभग 3.80 लाख रुपये जमा हुए थे।

      मामले की आगे की जांच में पुलिस ने 2 जुलाई को दिल्ली के प्रेम नगर-2, किराड़ी, सुलेमान नगर और सुल्तानपुरी क्षेत्र से गौरव कुमार, रेहान अहमद शाह और रणजीत को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि रणजीत ने खाताधारक विकास का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी की रकम के 16 हजार रुपये आए थे। जांच में यह भी सामने आया कि खाते से जुड़ी सिम गौरव कुमार के नाम पर थी, जबकि उसका इस्तेमाल रेहान अहमद शाह कर रहा था। रेहान उसी सिम पर आने वाले ओटीपी साइबर ठगों तक पहुंचाकर बैंकिंग लेन-देन में उनकी मदद करता था। खाताधारक विकास फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है।

      इसके बाद 9 जुलाई को पुलिस ने भिवानी निवासी मनोज, रोहतक निवासी दीपक, हरिद्वार निवासी अस्मित तथा रोहतक की एक महिला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनोज ने अपनी महिला मित्र के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसे अपने रिश्तेदार दीपक को सौंप दिया। दीपक ने टेलीग्राम के माध्यम से यह बैंक खाता अस्मित तक पहुंचाया। जांच में सामने आया कि इस खाते में ठगी की रकम में से 19 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे।

       पुलिस के अनुसार इस साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क में अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारियां तय थीं। कोई बैंक खाते उपलब्ध करा रहा था, कोई सिम कार्ड की व्यवस्था कर रहा था, तो कोई ओटीपी साझा कर साइबर अपराधियों की बैंकिंग लेन-देन में मदद कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि ठगी की 43.12 लाख रुपये की रकम पहले चरण में 14 बैंक खातों और 6 यूपीआई खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। पुलिस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]

लाइव कैलेंडर

July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
error: Content is protected !!