आलमपुर पंचायत के विकास कार्यों पर उठे सवाल, जांच के घेरे में सरपंच !
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···पंच मुस्ताक ने सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग, पंचायत भूमि और ट्यूबवेल मोटरों के बिलों में अनियमितता के लगाए आरोप
···स्कूल की बदहाल व्यवस्था और 800 मीटर रास्ते का मुद्दा भी उठा; सरपंच आकिल ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, बीडीपीओ ने गठित की जांच टीम
रिपोर्ट–अरुण शर्मा, फरीदाबाद ब्यूरो चीफ
फरीदाबाद
धौज क्षेत्र के आलमपुर गांव में पंचायत के कामकाज को लेकर विवाद सामने आया है। गांव के वार्ड नंबर-1 के पंच मुस्ताक ने सरपंच पर विकास कार्यों में कथित लापरवाही, सरकारी धन के कथित दुरुपयोग, पंचायत की जमीन पर कब्जे तथा विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। पंच ने इन आरोपों को लेकर बीडीपीओ कार्यालय में शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
पंच मुस्ताक का आरोप है कि सरपंच के कार्यकाल के दौरान गांव के कई जरूरी विकास कार्य या तो अधूरे पड़े हैं या फिर उन्हें अपेक्षित तरीके से नहीं कराया गया। उनका कहना है कि पंचायत की जमीन पर लंबे समय तक कथित रूप से कब्जा कर खेती की जाती रही। पंच के मुताबिक, मामले में शिकायत और जांच की प्रक्रिया शुरू होने के बाद जमीन को खाली कराया गया।
सरकारी स्कूल की व्यवस्था पर भी सवाल
पंच ने गांव के सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल के आसपास गंदा पानी जमा रहता है और जगह-जगह झाड़ियां उगी हुई हैं। इससे स्कूल आने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पंच का दावा है कि स्कूल की खराब स्थिति के कारण बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया गया। उनका आरोप है कि स्कूल और आसपास की सफाई के लिए पंचायत को सरकारी फंड उपलब्ध कराया गया था, लेकिन मौके पर उस राशि के अनुरूप काम दिखाई नहीं देता। उन्होंने इस मामले में सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
ट्यूबवेल मोटरों के बिलों पर भी उठे सवाल
गांव में लगे ट्यूबवेलों की मोटरों की मरम्मत और उन्हें बदलने के नाम पर जारी किए गए बिलों को लेकर भी पंच ने सवाल उठाए हैं। शिकायत में करीब 20 हजार, 30 हजार और 58 हजार रुपये तक के बिलों का उल्लेख करते हुए इनके भुगतान और संबंधित कार्यों की जांच कराने की मांग की गई है।
पंच ने पंचायत के दस्तावेजों में महिला सदस्य के कथित फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक जांच होना बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
800 मीटर रास्ते का मामला भी जांच के दायरे में
आलमपुर से कोट गांव जाने वाला करीब 800 मीटर लंबा रास्ता भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बताया गया है। कोट गांव के सरपंच केसर सिंह के अनुसार, रास्ते की पैमाइश और विभागीय कार्रवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन आगे की प्रक्रिया अभी लंबित है।
पंच मुस्ताक ने इस रास्ते समेत पंचायत के सभी विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है, ताकि विकास कार्यों पर खर्च की गई राशि और मौके पर हुए काम की स्थिति का मिलान किया जा सके।
सरपंच ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वहीं, सरपंच आकिल ने पंच मुस्ताक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। सरपंच का कहना है कि उनका पंच मुस्ताक के साथ पहले लड़ाई-झगड़े को लेकर विवाद हो चुका है।
सरपंच के अनुसार, इसी विवाद और पुरानी रंजिश के चलते पंच उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने और लोगों के बीच उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। सरपंच ने आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच का सामना करने की बात कही है।
बीडीपीओ ने गठित की जांच टीम
मामले में आलमपुर की बीडीपीओ ने पंच की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है। बीडीपीओ के अनुसार, जांच टीम गांव में मौके पर जाकर विकास कार्यों की स्थिति, संबंधित दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।
जांच टीम पंचायत के रिकॉर्ड, विकास कार्यों, भुगतान से संबंधित दस्तावेजों और मौके पर किए गए कार्यों की स्थिति का भी जायजा लेगी। जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपेगी।
बीडीपीओ के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। फिलहाल पंच और सरपंच दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं। शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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