हिंदी पढ़ाओ संस्कृति बचाओ नारे के साथ ही, हिन्दी सेवा ही मेरा लक्ष्य- पं० साहित्य चंचल साधक !
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(हिन्दी पखवाड़ा पर हिन्दी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित)
कासगंज
साहित्य वेलफेयर कल्चरल एंड स्पोर्ट्स फेडरेशन एवं शब्दावली दर्पण न्यूज़ के संयुक्त बैनर तले राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक एवं समाजसेवी पंडित होराम शर्मा की स्मृति में हिंदी भाषा के वास्तविक प्रचार प्रसार व हिंदी साहित्य संवर्धन के दृष्टिकोण से निस्वार्थ भाव से हर वर्ष राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय में 90 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त करने वाले हिंदी मेधावी छात्र-छात्राओं का विधिवत् सम्मान किया जाता है। इसी कड़ी में भारत सरकार से सम्मानित जनवादी कवि व लेखक तथा पूर्व राजपत्रित अधिकारी – भारत सरकार पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ द्वारा हिंदी भाषा के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने के उद्देश्य से पूर्व मंत्री व सांसद डी.पी.यादव के मुख्य आतिथ्य में कासगंज और एटा जनपद के लगभग डेढ़ दर्जन हिंदी प्रतिभा मेधावी छात्र-छात्राओं को कस्बा नगरिया कासगंज में ‘हिंदी पढ़ाओ-संस्कृति बचाओ’ अभियान के दृष्टिकोण से प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह, मेडल, अंग वस्त्र, डायरी उपहार देकर विधिवत् सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की संयोजक किरन सिंह किरण ने बताया कि फेडरेशन द्वारा हिंदी के वास्तविक प्रचार प्रसार एवं साहित्य संवर्धन हेतु विगत 26 वर्षों से इस तरह के कार्य निरंतर आयोजित किए जाते रहे हैं। जिसके अंतर्गत देशभर के अलग-अलग राज्यों से रचनाकारों को राष्ट्रीय शब्दावली कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह के सिद्धांत वादी मंच पर काव्य पाठ हेतु भी आमंत्रित किया जाता है। इस कार्यक्रम में भी डेढ़ दर्जन कवि-कवित्रियों की प्रस्तुति हेतु शानदार मंच सजाया गया। सभी कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति पदक प्राप्त शिक्षक डॉ. एल. आर. मौर्य पल्लव ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के जाने-माने विख्यात हिंदी विशेषज्ञ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ इलियास नवैद गुन्नौरी एवं अखिल भारतीय प्रधान संगठन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष संतोष यादव की उपस्थिति सराहनीय रही। डॉक्टर गुन्नौरी ने पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ की हिंदी भाषा के प्रति निस्वार्थ साधना को एक जुनून करार दिया। कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन अलीगढ़ से पधारी वरिष्ठ कवयित्री डॉ मनीषा मनी ने अपने शायराना अंदाज़ में किया। कार्यक्रम आयोजक फे़डरेशन के नेशनल चेयरपर्सन पंडित साहित्य चंचल ‘साधक’ ने यह भी विश्वास दिलाया है कि अतीत और वर्तमान के साथ भविष्य में भी हिंदी पढ़ाओ-संस्कृति बचाओ अभियान के तहत हिंदी भाषा व साहित्य संवर्धन हेतु प्रतिबद्ध हैं। गौरतलब है कि हिंदी भाषा और हिंदी साहित्य की गरिमा व अस्तित्व अपने ही दम पर आयोजन करने वाले चंचल ‘साधक” के लिए एक मिशन बन चुका है। कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन संस्था की सचिव प्रिया मिश्रा ने किया। इस मौके पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों के साथ-साथ लगभग तीन सौ लोगों की उपस्थिति आयोजन की गरिमा को साफ-साफ बयां कर रही थी।
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