एक बरसात ने खोली स्मार्ट सिटी के विकास की पोल, सड़कें धंसीं, शहर तालाब में तब्दील : सुमित गौड़
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फरीदाबाद
मानसून की पहली ही तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई नई सड़कें बारिश के पानी में धंस गईं, जबकि शहर के अनेक हिस्सों में जलभराव, टूटी सड़कें, जाम और बिजली-पानी की समस्याओं ने आमजन की मुश्किलें बढ़ा दीं। कांग्रेस ने बारिश के बाद शहर के बिगड़े हालात को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़ ने शुक्रवार को शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एक ही बारिश ने भाजपा के तथाकथित विकास मॉडल की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने ला दी है। पॉश सेक्टरों से लेकर कॉलोनियों और स्लम क्षेत्रों तक अनेक स्थानों पर जलभराव के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं और स्मार्ट सिटी अब ‘सिटी ऑफ तालाब’ नजर आ रही है।
गौड़ ने कहा कि फरीदाबाद में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें यदि एक ही बारिश में धंसने लगें तो विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में फरीदाबाद के विकास के नाम पर जनता को केवल घोषणाओं और दावों से गुमराह किया गया है।
उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लोगों को मिनटों का सफर घंटों में तय करना पड़ा। जलभराव ने न केवल आमजन की परेशानी बढ़ाई, बल्कि मानसून से पहले प्रशासन की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुमित गौड़ ने कहा कि फरीदाबाद में केंद्रीय और प्रदेश स्तर के मंत्रियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में भाजपा के मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि होने के बावजूद बारिश के बाद जनता की समस्याओं को देखने और उनका समाधान कराने के लिए कोई प्रभावी प्रयास नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा नेताओं से सवाल पूछ रही है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद विकास का परिणाम जमीन पर क्यों नहीं दिखाई देता।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केवल विकास का ढोल पीटने से विकास नहीं होता, बल्कि उसकी गुणवत्ता और परिणाम जमीन पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नई सड़कें पहली ही बारिश में धंस रही हैं और शहर जलभराव से जूझ रहा है तो संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
गौड़ ने कहा कि बारिश ने भाजपा सरकार की नीति, नीयत और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मांग की कि जलभराव और सड़क धंसने की घटनाओं की जांच कराई जाए तथा घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि फरीदाबाद की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला स्थायी और गुणवत्तापूर्ण विकास चाहती है।
रिपोर्ट– अरुण शर्मा (व्यूरो चीफ, फरीदाबाद)
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