113 एमएम बारिश में फरीदाबाद बेहाल: 2024 के मौत के अंडरपास से भी प्रशासन ने नहीं लिया सबक! – Republic Hindustan News

Republic Hindustan News

Latest Online Breaking News

113 एमएम बारिश में फरीदाबाद बेहाल: 2024 के मौत के अंडरपास से भी प्रशासन ने नहीं लिया सबक!

😊 Please Share This News 😊

···ओल्ड अंडरपास फिर बना जानलेवा जाल, फॉर्च्यूनर पानी में डूबी; स्कूल बस भी फंसी । 50 से ज्यादा सड़कें जलमग्न, घरों में घुसा पानी । अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी !

फरीदाबाद

      सिर्फ 113 एमएम बारिश और फरीदाबाद की मानसून तैयारियों की पूरी तस्वीर सामने आ गई। शहर में जगह-जगह सड़कें जलमग्न हो गईं, घरों में पानी घुस गया और रेलवे अंडरपास जानलेवा जलाशय में तब्दील हो गए। सबसे गंभीर स्थिति ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास की रही, जहां एक बार फिर वाहन पानी में फंस गए। एक फॉर्च्यूनर कार पानी में डूब गई, जबकि स्कूल बस भी जलभराव में फंस गई। गनीमत रही कि बस में उस समय बच्चे मौजूद नहीं थे।

     हालात बिगड़ने के बाद ओल्ड फरीदाबाद और ग्रीनफील्ड अंडरपास को बंद करना पड़ा। दोनों ओर पुलिस तैनात करनी पड़ी। सवाल यह है कि जिस अंडरपास में सितंबर 2024 में दो लोगों की जान जा चुकी है, वहां दो साल बाद भी बारिश के पानी से निपटने की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी?

2024 में दो मौतें… फिर भी वही खतरा

    ओल्ड फरीदाबाद रेलवे अंडरपास का जलभराव कोई अचानक पैदा हुई समस्या नहीं है। 13 सितंबर 2024 को इसी अंडरपास में करीब 10 से 11 फीट पानी भर गया था। पानी में एसयूवी डूबने से गुरुग्राम के एक निजी बैंक में कार्यरत मैनेजर पुण्यश्रेय शर्मा और कैशियर विराज द्विवेदी की दम घुटने से मौत हो गई थी।

    उस हादसे के बाद प्रशासन ने अंडरपास के मुहाने पर स्टील के गेट लगवाए थे, ताकि जलभराव होने पर वाहनों को अंदर जाने से रोका जा सके। लेकिन शुक्रवार की बारिश ने फिर व्यवस्था की असली तस्वीर सामने ला दी।

    फतेहपुर चंदीला की तरफ लगाए गए गेट से पहले ही करीब सात से आठ फीट पानी जमा हो गया। पानी अंडरपास के बाहर तक फैल गया और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया।

    हादसे के बाद गेट तो लगा दिए गए, लेकिन सवाल यह है कि पानी की निकासी का स्थायी समाधान कब होगा?

रोकने के बावजूद पानी में घुसा वाहन

     ओल्ड अंडरपास में फंसी फॉर्च्यूनर को बाहर निकालने का काम शुरू किया जाएगा। बताया गया कि लोगों ने कार चालक को पानी में जाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कार पानी में चली गई और फंस गई। करीब 60 वर्षीय चालक को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

     उधर, अंडरपास में फंसी स्कूल बस में बच्चे नहीं थे। बस चालक और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए बस की छत पर चढ़ गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बस को रात में ही बाहर निकाल लिया गया।

चार अंडरपास बंद, शहर की रफ्तार थमी

    बारिश के बाद ओल्ड फरीदाबाद के अलावा महराजपुर, ग्रीनफील्ड और गुरुकुल रेलवे अंडरपास में भी पानी भर गया। हालात को देखते हुए यातायात पुलिस को चारों अंडरपास बंद करने पड़े।

    यानी मानसून की एक जोरदार बारिश ने शहर की यातायात व्यवस्था को कई जगह रोक दिया। लोगों को वैकल्पिक रास्तों पर भेजना पड़ा और कई मार्गों पर लंबा जाम तथा धीमी रफ्तार की स्थिति बनी रही।

डीएनडी सर्विस रोड पर एक किलोमीटर तक ‘तालाब’

    सेक्टर-37 पेट्रोल पंप के पास डीएनडी एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर करीब एक किलोमीटर तक पानी जमा रहा। करीब डेढ़ फुट पानी में ऑटो और दोपहिया वाहन बंद हो गए। कार और अन्य वाहन भी पानी के बीच रेंगते हुए निकलते नजर आए।

     कई जगह सड़क और जलभराव के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया। ऐसे में गड्ढों और खुले मैनहोल जैसी संभावित दुर्घटना की आशंका ने वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ा दी।

50 से ज्यादा स्थानों पर जलभराव

    113 एमएम बारिश के बाद दयालबाग, सेक्टर-16, सेक्टर-14, विनय नगर और ओल्ड फरीदाबाद समेत कई इलाकों में घरों के अंदर पानी पहुंच गया।

       नेशनल हाईवे के मुजेसर मोड़, अजरौंदा, बल्लभगढ़ बस अड्डा, नीलम-बीके रोड, सेक्टर-21सी, सेक्टर-21डी, सेक्टर-ए, सेक्टर-15, संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, गुरुद्वारा रोड, मेट्रो मोड़, पल्ला-इस्माइलपुर रोड और इस्माइलपुर-जैतपुर रोड समेत 50 से अधिक स्थानों पर दिनभर जलभराव बना रहा।

प्रशासन कह रहा—बारिश अनुमान से ज्यादा हुई

    FMDA के XEN ओमदत्त के अनुसार शहर में जल निकासी का काम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि विभाग ने जितनी बारिश का अनुमान लगाया था, उससे अधिक बारिश हुई।

      उनके मुताबिक ओल्ड अंडरपास में लोगों द्वारा रोकने के बावजूद एक कार चालक वाहन लेकर पानी में चला गया था। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि शहर में जहां भी जलभराव है, वहां राहत और जल निकासी का काम जारी है।

अब असली सवाल बारिश नहीं, तैयारी का है

     बारिश का तेज होना प्राकृतिक परिस्थिति हो सकती है, लेकिन जलभराव के वही पुराने स्थान, बार-बार बंद होते अंडरपास और घरों में घुसता पानी अब सिर्फ बारिश की समस्या नहीं रह गए हैं।

      2024 में दो लोगों की जान जाने के बाद भी यदि एक बारिश में वही अंडरपास फिर वाहनों को निगलने की स्थिति में पहुंच जाए, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था पर कितना काम हुआ?

और जब मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी जोरदार बारिश की चेतावनी दी है, तब सबसे बड़ा सवाल यही है—

     क्या अगली बारिश से पहले प्रशासन के पास जलभराव रोकने की कोई ठोस व्यवस्था है, या फरीदाबाद को फिर उसी खतरे का इंतजार करना होगा?

 

रिपोर्ट– अरुण शर्मा ( व्यूरो चीफ, फरीदाबाद)

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]

लाइव कैलेंडर

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
error: Content is protected !!