फाइनेंस कमेटी विवाद: 34 पार्षदों ने मेयर और निगम आयुक्त को ठहराया जिम्मेदार, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी ! – Republic Hindustan News

Republic Hindustan News

Latest Online Breaking News

फाइनेंस कमेटी विवाद: 34 पार्षदों ने मेयर और निगम आयुक्त को ठहराया जिम्मेदार, हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी !

😊 Please Share This News 😊

रिपोर्ट – अरुण शर्मा, ब्यूरो चीफ, फरीदाबाद

फरीदाबाद

     फरीदाबाद नगर निगम में फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी, सीनियर डिप्टी मेयर तथा डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिरोध अब और गहरा गया है। इस मामले में 34 पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी नोटिस का जवाब दाखिल करते हुए इन पदों के गठन में हुई देरी के लिए मेयर प्रवीण बतरा जोशी और निगम आयुक्त धीरेन्द्र खड़गटा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।

     सोमवार को निगम आयुक्त को सौंपे गए अपने विस्तृत जवाब में पार्षदों ने कहा कि नगर निगम सदन की पहली बैठक 25 नवंबर को आयोजित की गई थी। बैठक के एजेंडे में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के साथ-साथ फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी के गठन की प्रक्रिया भी शामिल थी। पार्षदों का आरोप है कि बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री सहित सभी पार्षद उपस्थित थे, लेकिन मेयर और निगम आयुक्त स्वयं बैठक में नहीं पहुंचे। उनकी अनुपस्थिति के कारण निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और चुनाव व कमेटी गठन का कार्य अधूरा रह गया।

      पार्षदों ने अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र ही सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं किया गया तो वे न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करेंगे।

     गौरतलब है कि नगर निगम में इन महत्वपूर्ण पदों के चुनाव और फाइनेंस कमेटी के गठन को लेकर पिछले कई महीनों से राजनीतिक खींचतान बनी हुई है। इसका सीधा असर नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज और वित्तीय निर्णयों पर पड़ रहा है, जिससे अनेक विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

      उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने हाल ही में नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। सरकार ने 27 मई को मेयर और निगम आयुक्त को भेजे गए नोटिस में कहा था कि फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं होने से विकास कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं तथा आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

       नगर निगम चुनाव 2 मार्च 2025 को संपन्न हुए थे, जबकि मेयर और पार्षदों ने 25 मार्च 2025 को शपथ ग्रहण की थी। इसके बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर और फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन नहीं हो सका है। राज्य सरकार ने इसे हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1994 के प्रावधानों की अवहेलना मानते हुए गंभीर प्रशासनिक चूक माना है।

     अब सभी की निगाहें नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं निकलता है तो यह मामला न्यायालय तक पहुंच सकता है, जिससे नगर निगम की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में नया मोड़ आने की संभावना है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]

लाइव कैलेंडर

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
error: Content is protected !!