जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पर्यावरणीय समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक सम्पन्न !
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···प्लास्टिक मुक्त अभियान, ई-वेस्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण एवं नदी पुनरुद्धार कार्यों की हुई समीक्षा
सम्भल (बहजोई)
आज कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में जिला पर्यावरणीय समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी प्रीति यादव द्वारा विभिन्न एजेंडा बिंदुओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। सर्वप्रथम ठोस अपशिष्ट (सॉलिड वेस्ट) एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा की गई। प्लास्टिक मुक्त अभियान के अंतर्गत नगर पालिका एवं नगर पंचायतवार प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से अस्पतालों में किए गए निरीक्षणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल फैसिलिटी (साझा उपचार एवं निस्तारण केंद्र) के नियमित निरीक्षण के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।
ई-वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने समस्त नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को ई-वेस्ट संग्रहण हेतु विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बैठक में प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट के सुरक्षित निस्तारण पर भी चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
वृक्षारोपण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी ने अवगत कराया कि वर्ष 2026-27 हेतु जनपद को 22 लाख पौधारोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को वृक्षारोपण हेतु स्थलों का समयबद्ध चिन्हीकरण करने तथा आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रीन चौपाल का आयोजन प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
इसके उपरांत जिला गंगा समिति की बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत गंगा तटवर्ती ओडीएफ ग्रामों की स्थिति की समीक्षा की गई। प्राकृतिक एवं जैविक खेती के संबंध में उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि गंगा किनारे स्थित ग्रामों में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु कार्य किया जा रहा है। उन्होंने ‘ओमेगा’ ब्रांड एवं ‘सम्भल कल्कि जैविक उत्पाद’ के संबंध में भी जानकारी दी।
बैठक में गंगा आरती के आयोजन, जनपद की वर्धमार नदी के पुनरुद्धार एवं कायाकल्प की कार्ययोजना तथा महिष्मति नदी के पुनरुद्धार को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, प्रभागीय वनाधिकारी प्रीति यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आशीष सिंह, उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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