विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में नाराज हुए राव इंद्रजीत, बोले- हलके के सांसद को ही नहीं बुलाया तो मेरा आना क्या उचित था ?
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गुरुग्राम
केंद्रीय राज्य मंत्री एवं गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मंच से अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर करते नजर आए। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से सवाल किया कि यदि कार्यक्रम आयोजित करने वाले अपने ही क्षेत्र के सांसद को आमंत्रित नहीं कर सकते, तो क्या उनका वहां उपस्थित होना उचित था।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से जारी आमंत्रण पत्र में राव इंद्रजीत सिंह का नाम शामिल था, लेकिन राव का कहना था कि उन्हें कार्यक्रम के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित नहीं किया गया।
मंच से संबोधित करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के कार्यक्रम में आने के कारण वे भी उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और क्षेत्र के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जिस पर उन्हें आपत्ति है।
राव इंद्रजीत ने पानीपत और करनाल का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि ऐसा कार्यक्रम पानीपत में होता, तो क्या सांसद संजय भाटिया को नहीं बुलाया जाता, और यदि करनाल में होता, तो क्या मनोहर लाल खट्टर को आमंत्रित नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि छह बार उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जनता ने उन्हें विजयी बनाया, लेकिन कार्यक्रम आयोजित करने वाले उन्हें अपना नहीं समझते।
उन्होंने विभाजन के बाद हरियाणा में बसे पंजाबी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाजन से प्रभावित बड़ी संख्या में लोग हरियाणा आए और यहां के लोगों ने उनका स्वागत किया। राव ने कहा कि हरियाणा ऐसा प्रदेश है जिसने पंजाबी समाज को पूरा सम्मान दिया, यहां पंजाबी मुख्यमंत्री भी बने और विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पंजाबी समाज को संबोधित करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि समाज और राजनीति में समन्वय दोनों पक्षों के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने कहा, “ताली दोनों हाथ से बजती है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं होता, तो शायद उन्हें आमंत्रित भी नहीं किया जाता और मंच से दिए गए भाषणों में उनका नाम तक नहीं लिया गया।
इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता के लिए देश का विभाजन किया गया और आज भी समाज को बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाजन का दर्द झेलने वाले लोगों के प्रति कांग्रेस ने कभी संवेदना व्यक्त नहीं की और न ही उनसे माफी मांगी।
कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह के बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बने रहे। स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और आयोजनों में समन्वय को लेकर उठे सवालों ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया।
रिपोर्ट– अरुण शर्मा, गुरुग्राम
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