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गो सेवा ही सुशासन का आधार : निराश्रित गोवंश संरक्षण में उत्तर प्रदेश सरकार की संवेदनशील पहल !

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सम्भल (बहजोई), 06 जुलाई 2026

        आज कलक्ट्रेट सभागार में मा. उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग श्री महेश कुमार शुक्ल जी, एवं मा. सदस्य उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग श्री दीपक गोयल जी द्वारा गौ संरक्षण के संबंध में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। उन्होंने प्रेस वार्ता के अन्तर्गत महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और समुचित देखभाल के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। राज्य सरकार गोसेवा को केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्तरदायित्व के रूप में लेकर विभिन्न योजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा वर्तमान में राज्य के विभिन्न जनपदों में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 16 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आवास, नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल एवं आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण हेतु प्रति गोवंश प्रतिदिन ₹50 की दर से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
गो-आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए 5,446 गोशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। 24×7 निगरानी व्यवस्था के माध्यम से गोवंश की सुरक्षा, देखभाल एवं प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक 1,67,065 गोवंश इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किए जा चुके हैं। योजना के तहत प्रति गोवंश ₹50 प्रतिदिन की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है। इससे गोसंरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
जनपद सम्भल में भी गोसंरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद में 70 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, जिनमें 16,657 गोवंश का संरक्षण एवं पालन-पोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2,802 गोपालकों ने सहभागिता योजना के अंतर्गत 5,070 गोवंश को अपनाकर सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम, 1955 के तहत गोवंश संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। गोसंरक्षण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, गो-आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि निराश्रित गोवंश की सेवा एवं संरक्षण में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं सुशासन के सिद्धांतों के अनुरूप गोसंरक्षण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध एवं प्रयासरत है।

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