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भव्य समारोह के बीच वरिष्ठ कवि शिव कुमार चंदन कृत, बचपन के दिन पुस्तक का हुआ भव्य विमोचन !

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···पल्लव काव्य मंच के काव्य समागम में जुटे कवि व साहित्यकारों ने किया काव्यपाठ, बच्चों ने भी पढ़ीं चंदन जी की बाल कविताएँ

रामपुर

       हिन्दी साहित्य को समर्पित संस्था पल्लव काव्य मंच की ओर आयोजित कार्यक्रम में कवियों व साहित्यकारों की बड़ी महफिल जुटी।मायादेवी धर्मशाला में वरिष्ठ गीत कवि शिव कुमार शर्मा चंदन की हीरक जयंती पर आयोजित इस काव्य समागम में उनकी पुस्तक बाल कविता संग्रह ‘बचपन के दिन’, का विमोचन हुआ जबकि रविप्रकाश अग्रवाल, डॉ अरविंद गौतम व डॉ प्रीति अग्रवाल ने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत की। गीतकवि एवं इस पुस्तक के रचनाकार शिवकुमार चंदन ने बताया कि बचपन के दिन नामक इस पुस्तक में, बाल मनोविज्ञान पर आधारित ही बाल कविताओं को सम्मिलित किया गया है। इस अवसर पर कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में आकर चंदन जी की रचनाओं का गायन किया।
सरस्वती वंदना के बाद सम्भल से आए व्यंग्यकवि अतुल कुमार शर्मा ने पढ़ा- मिट चुकी अपने पराए की पहचान अब तो, क्यों क्योंकि लोग सांपों को भी अपनी आस्तीन में पालते हैं।।
डॉ प्रीति अग्रवाल ने कहा- मेरी प्यारी चिड़िया रानी खूब यहांँ इठलाती थी, फुदक फुदककर यहांँ वहांँ पर सबका मन बहलाती थी।
पीलीभीत के कवि सत्यपाल सिंह सजग ने अपने भाव यूं प्रकट किए- बिना मांँ की कृपा कुछ भी मुझे गढ़ना नहीं आता। चने के झाड़ पे बिल्कुल हमें चढ़ना नहीं आता।। सफल हो काव्य रस उत्सव सजग स्वागत सभी का है, कसीदे शान में झूठे हमें पढ़ना नहीं आता।।
युवा कवि राजवीर सिंह राज ने कहा- यूंँ लगा जैसे खुद के पर लगे, कैदी पंछी को उड़ाकर देखना।
शायर सुरेंद्र अश्क ने कहा- बस इसी बात का गम रहा। जो मिला वो बहुत कम रहा,बच्चों के एक हंसी के लिए मांँ का आंचल सदा नम रहा।।
राजीव प्रखर की ये पंक्तियांँ खूब सराही गयी- शब्द पिरोने का यह सपना इन नैनों में पलने दो, मैं राही हूँ लेखन पथ का मुझे इसी पर चलने दो।।
इसके अलावा ज्ञान प्रकाश उपाध्याय पँवासा, रामरतन यादव खटीमा, टिंकू दीक्षित बरेली, रणधीर प्रसाद गौड़ बरेली,गोपाल ठहाका लखनऊ,दीपक गोस्वामी चिराग बहजोई, प्रतोष मिश्रा काशीपुर, गीता मिश्रा गीत हल्द्वानी आदि ने काव्यपाठ किया। बच्चों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। सभी कवियों व साहित्यकारों को मुख्य अतिथि बाबा कल्पेश व विशिष्ट अतिथि सुभाष चंद्र शर्मा ने सम्मानित किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता रणधीर प्रसाद गौड़ और संचालन प्रदीप राजपूत माहिर ने किया। कार्यक्रम में सुमित सिंह मीत, अनमोल रागिनी गर्ग, अनिल अग्रवाल,पतराम सिंह,सुधाकर सिंह परिहार,पूनम दीक्षित, जसवीर सिंह जस्सी, रमेश जैन सेठी आदि मौजूद रहे।

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