फरीदाबाद नगर निगम की फाइनेंस कमेटी पर सरकार का हस्तक्षेप, मनोज नासवा और प्रदीप टोंगर बने सदस्य !
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···एक वर्ष से अधिक समय से अटका था गठन, अब विकास कार्यों और वित्तीय फैसलों को मिलेगी रफ्तार
रिपोर्ट – अरुण शर्मा, फरीदाबाद
फरीदाबाद, 11 जून
फरीदाबाद नगर निगम में पिछले एक वर्ष से अधिक समय से फाइनेंस कमेटी के गठन को लेकर चल रहा राजनीतिक गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। मामले के न्यायालय तक पहुंचने और लगातार बढ़ते विवाद के बीच हरियाणा सरकार को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार ने गुरुवार को वार्ड-16 के पार्षद मनोज नासवा और वार्ड-44 के पार्षद प्रदीप टोंगर को फाइनेंस कमेटी का सदस्य नियुक्त कर दिया।
नगर निगम चुनाव को एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद राजनीतिक खींचतान के कारण फाइनेंस कमेटी का गठन नहीं हो पा रहा था। नगर निगम की यह कमेटी वित्तीय निर्णयों, बजट स्वीकृति और विकास परियोजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कमेटी के गठन में हो रही लगातार देरी के कारण कई महत्वपूर्ण विकास कार्य और वित्तीय प्रस्ताव प्रभावित हो रहे थे।
सूत्रों के अनुसार विभिन्न राजनीतिक गुट अपने-अपने समर्थक पार्षदों को कमेटी में शामिल कराने के प्रयास में लगे हुए थे, जिसके चलते सहमति नहीं बन पा रही थी। विवाद बढ़ने पर मामला न्यायालय पहुंचा, जहां इस विषय को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने नगर निगम प्रशासन, मेयर और संबंधित पक्षों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी।
करीब पंद्रह दिन पूर्व सरकार ने मेयर प्रवीण जोशी सहित संबंधित पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि आखिर अब तक फाइनेंस कमेटी का गठन क्यों नहीं किया गया। सभी पक्षों से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया था। प्राप्त रिपोर्टों और जवाबों के आधार पर सरकार ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए दोनों पार्षदों की नियुक्ति कर दी।
अब फाइनेंस कमेटी में मेयर प्रवीण जोशी, नगर निगम आयुक्त तथा नामित सदस्य मनोज नासवा और प्रदीप टोंगर शामिल होंगे। इस प्रकार चार सदस्यीय कमेटी का गठन पूर्ण हो गया है। माना जा रहा है कि कमेटी के गठन के साथ ही लंबे समय से लंबित वित्तीय प्रस्तावों और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियुक्त किए गए दोनों पार्षद हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के करीबी समर्थक माने जाते हैं। वहीं इस फैसले के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के राजनीतिक खेमे में भी हलचल तेज हो गई है। अब राजनीतिक गलियारों की निगाहें सीनियर डिप्टी मेयर के पद पर टिकी हुई हैं, जिसकी घोषणा सरकार कभी भी कर सकती है।
गौरतलब है कि मार्च 2025 में हुए नगर निगम चुनाव में पहली बार प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से प्रवीण जोशी मेयर निर्वाचित हुई थीं। इसके बावजूद फाइनेंस कमेटी का गठन एक वर्ष तक नहीं हो सका था। अब सरकार के सीधे हस्तक्षेप के बाद यह प्रक्रिया पूरी हो गई है और उम्मीद की जा रही है कि नगर निगम की प्रशासनिक एवं विकास संबंधी गतिविधियों में तेजी देखने को मिलेगी।
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