सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान !
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फरीदाबाद
सर्व कर्मचारी संघ एवं हरियाणा के आह्वान पर फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को 21वें दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पूर्व में हुए समझौते को तत्काल लागू करने की मांग की।
कर्मचारी नेता सुभाष लांबा ने कहा कि 13 मई 2026 को सरकार और कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत में कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद अब तक सहमति के अनुसार मांगों को लागू करने के लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को बातचीत में बनी सहमति को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए, ताकि हड़ताल समाप्त करने की दिशा में रास्ता साफ हो सके।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सफाई कर्मचारी वर्षों से शहर की सफाई व्यवस्था को संभाल रहे हैं और इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने सरकार से वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की।
इसके अलावा कर्मचारियों ने सफाई व्यवस्था में ठेका प्रथा समाप्त करने, हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग करने तथा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों को लागू करने की मांग भी उठाई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार को सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल के कारण प्रदेश में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है और इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इसके लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराए जाने का विरोध करते हुए कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है।
आमजन और पुलिसकर्मियों पर कूड़ा फेंके जाने के आरोपों पर कर्मचारी नेताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका आंदोलन मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार कर लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक धरना और आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट – अरुण शर्मा, फरीदाबाद
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