परदादा परदादी संस्था ने भारत की बास्केटबॉल खिलाड़ी साधना का ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद किया भव्य सम्मान !
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बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश 1 अगस्त, 2026
1 अगस्त, 2026 को परदादा परदादी एजुकेशनल सोसायटी ने अपनी छात्रा साधना का भव्य सम्मान किया। साधना परदादा परदादी की पहली छात्रा हैं जिन्होंने भारतीय बास्केटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए FIBA अंडर-18 महिला एशिया कप 2026 (बैंकॉक, थाईलैंड) में शानदार प्रदर्शन किया।
सम्मान समारोह की शुरुआत अल्का मोटल, बुलंदशहर से हुई, जहाँ साधना का छात्रों, शिक्षकों एवं परदादा परदादी प्रबंधन द्वारा फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष लोकेन्द्र पाल सिंह, सीईओ सपना वर्मा, अतुल कुमार सिंह, प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार शर्मा तथा अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल रेफरी एवं बुलंदशहर बास्केटबॉल एसोसिएशन के सदस्य अनुपम शर्मा उपस्थित रहे।
इसके बाद साधना का संतोष इंटरनेशनल स्कूल एवं लॉर्ड कृष्णा इन्टर कॉलेज में भी गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके उपरांत उन्हें खुले वाहन में अनूपशहर में भव्य रोड शो के माध्यम से घुमाया गया, जहाँ छात्राओं ने जोशीले नारों के साथ रैली निकाली। परदादा परदादी परिसर पहुँचने पर विद्यालय के एनसीसी बैंड, हजारों छात्राओं एवं गणमान्य अतिथियों ने पुष्पवर्षा एवं तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए साधना ने टीम इंडिया को एशिया में चौथा स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 18 अंक अर्जित किए, जिनमें ओमान के विरुद्ध 12 अंकों का शानदार प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान उन्हें मुख्य कोच सारा गेलर द्वारा “मोस्ट इम्प्रूव्ड प्लेयर” का सम्मान भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर परदादा परदादी एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष लोकेन्द्र पाल सिंह ने कहा:
“साधना की यह उपलब्धि हमारे संस्थापक स्वर्गीय वीरेंद्र ‘सैम’ सिंह के उस सपने को साकार करती है, जिसमें वे मानते थे कि ग्रामीण भारत की बेटियाँ भी विश्व स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं। आज साधना ने न केवल उनके सपने को पूरा किया है, बल्कि हजारों ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।”
उन्होंने आगे कहा,
“टीम इंडिया के मैनेजर से मेरी बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि साधना में अपार संभावनाएँ हैं और भविष्य में वह भारतीय टीम की कप्तान भी बन सकती हैं।”
परदादा परदादी एजुकेशनल सोसायटी की सीईओ सपना वर्मा ने कहा:
“साधना ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि ग्रामीण बेटियों को अवसर, सही मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। हमें उस पर गर्व है और हमें विश्वास है कि भविष्य में वह ऐसी अनेक उपलब्धियाँ हासिल करेगी।”
उन्होंने संस्था के सहयोगियों एवं दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“यह सफलता हमारे सभी दानदाताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के निरंतर विश्वास और सहयोग के बिना संभव नहीं थी। उनके समर्थन से ही हम ग्रामीण बालिकाओं के शिक्षा, सशक्तिकरण और उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर पा रहे हैं।”
परदादा परदादी विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा:
“साधना की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह हमारे विद्यालय, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने हमारे संस्थापक के सपने को साकार किया है और ग्रामीण भारत की एक पूरी पीढ़ी को यह विश्वास दिलाया है कि वे भी भारत का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।”
अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल रेफरी एवं बुलंदशहर बास्केटबॉल एसोसिएशन के सदस्य अनुपम शर्मा ने कहा:
“साधना की मेहनत जितनी सराहनीय है, उतनी ही प्रशंसा उनके कोच गजेन्द्र की भी होनी चाहिए। दो बार भारतीय प्रशिक्षण शिविर में चयन न होने के बावजूद साधना ने हार नहीं मानी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों ने अंततः उन्हें टीम इंडिया और एशिया कप तक पहुँचाया।”
साधना के कोच गजेन्द्र कच्छवाह ने उनकी यात्रा को याद करते हुए कहा:
“सिर्फ सात दिन के बास्केटबॉल ट्रायल से लेकर भारतीय टीम की जर्सी पहनने तक का सफर साधना के अनुशासन, मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास का परिणाम है। उसने अपनी हर उपलब्धि अथक परिश्रम और समर्पण से अर्जित की है।”

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