सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में आधुनिक फैशन कला देखने को मिली। – Republic Hindustan News

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सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में आधुनिक फैशन कला देखने को मिली।

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                     फरीदाबाद, 5 फरवरी (अरुण शर्मा)। अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुण्ड हस्तशिल्प मेला में अष्टलक्ष्मी माने जाने वाले भारत के पूर्वी राज्यों की लोक संस्कृति, आधुनिक फैशन कला और कत्थक नृत्य का अनूठा संगम बड़ी चौपाल के मंच पर देखने को मिला। इस फैशन शो में वॉम्फी गुरू ने साडिय़ों की विस्तृत रेंज प्रस्तुत करते हुए पहाड़ी राज्यों की वस्त्रकला का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
सांस्कृ़तिक संध्या के इस कार्यक्रम में गुरु शिष्या व माता-पुत्री मारामी मेधी और मेघारंजनी मेधी ने सुविख्यात गायक स्व. भूपेन हजारिका के गीत समय धीरे चल और छाप तिलक सब छिनी मशहूर कव्वाली पर कत्थक नृत्य की सुंदर पेशकश प्रस्तुत की। इसी दौरान रैंप पर असम, नागालैंड, मिजोरम, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, त्रिपुरा, मणिपुर व मेघालय की युवतियों ने अपने मनमोहक अंदाज में फैशन शो के जलवे बिखरते हुए ज्वेलस ऑफ नार्थ ईस्ट की प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नार्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी निफ्ट गुवाहाटी की ओर से यह फैशन शो प्रस्तुत किया गया। मंच पर इन राज्यों की नृत्य शैली व लोकगीतों के भी मनोरंजक कार्यक्रम पेश किए गए। इस दौरान बड़ी चौपाल में बेसब्री से दर्शकों का हुजूम आज का यह कार्यक्रम देखने के लिए डटा हुआ था। यहां मशहूर नर्तक बहनों की जोड़ी अलांकृता कलिता व रूपांकृता कलिता ने भी अपने डांस की प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस दौरान पद्मश्री विजेता नागालैंड की प्रतिष्ठित महिला सोरखी, मेला प्रबंधक डा. नीरज कुमार, शो के डायरेक्टर विक्रम राय मेधी, शंघाई सहयोग संगठन व जी-20 देशों के अधिकारी, पर्यटन विभाग के अधिकारी यूएस भारद्वाज, हरविंद्र सिंह, उप पुलिस अधीक्षक अमित भाटिया व विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं राजदूत उपस्थित रहे।

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