सफाई कर्मचारियों का आंदोलन होगा तेज, 1 से 3 सितंबर तक मंत्री विपुल गोयल के आवास का घेराव !
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फरीदाबाद
13 मई की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान!
नरेश शास्त्री ने कहा कि कोई भी कर्मचारी अपनी इच्छा से हड़ताल पर नहीं बैठता। सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि 13 मई को हुई बातचीत में सरकार कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से स्वीकार कर उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू कर देती तो आज कर्मचारियों को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को हुई वार्ता में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल स्वयं मौजूद नहीं थे। उनकी जगह कृष्ण बेदी ने कर्मचारियों के साथ बातचीत की, लेकिन बैठक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। कर्मचारी नेताओं के अनुसार कुछ मांगों पर सैद्धांतिक सहमति की बात जरूर हुई, लेकिन कर्मचारियों को अब केवल मौखिक या सैद्धांतिक सहमति नहीं, बल्कि लिखित और लागू होने वाला फैसला चाहिए।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत प्रमुख मांगें
नरेश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा समाप्त करना तथा सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन के नियमित पदों पर भर्ती करना शामिल है। उन्होंने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कर्मचारियों की मांगें मान लिए जाने की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मीडिया के माध्यम से मांगें पूरी होने की बात कही गई, जबकि जमीनी स्थिति अलग है। उनके अनुसार करीब दस वर्ष पुरानी कुछ मांगों पर जरूर कार्रवाई हुई है, लेकिन कर्मचारियों की वर्तमान और प्रमुख मांगें अभी भी लंबित हैं।
150 विभागों के कर्मचारी आंदोलन में होंगे शामिल
कर्मचारी नेताओं ने आंदोलन को व्यापक रूप देने की भी तैयारी शुरू कर दी है। उनके अनुसार हरियाणा के विभिन्न कर्मचारी संगठन सफाई कर्मचारियों के समर्थन में आगे आएंगे। बिजली विभाग, रोडवेज, मैकेनिकल वर्कर, हुडा विभाग, क्लर्क यूनियन, शिक्षक संगठनों सहित करीब 150 विभागों से जुड़े कर्मचारियों को अलग-अलग दिनों में आंदोलन से जोड़ने की तैयारी है।
स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी आंदोलन का समर्थन करेंगे। जिला स्तर पर सरकारी और अर्द्धसरकारी विभागों के कर्मचारियों को आंदोलन से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।
फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले फायर कर्मचारी के परिजन भी होंगे शामिल
1 से 3 सितंबर तक होने वाले मंत्री आवास घेराव में फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने वाले फायर कर्मचारी के परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि मृतक कर्मचारी के परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाला मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। परिवार आंदोलन के दौरान सरकार के समक्ष अपनी मांग रखेगा।
पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना
नरेश शास्त्री ने आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को कथित तौर पर जबरन थानों में ले जाया जाता है तथा उन्हें धमकाने और परेशान करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के दबाव के बावजूद कर्मचारी अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
30 अगस्त को राज्यव्यापी बैठक में तय होगी अगली रणनीति
उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को 87 शहरों, 103 दमकल केंद्रों तथा विभिन्न मजदूर-कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि राज्यव्यापी बैठक में शामिल होंगे। बैठक में सरकार के रवैये, पुलिस कार्रवाई और लंबित मांगों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद आंदोलन को और व्यापक एवं तेज करने की अगली रणनीति तय होगी।
फिलहाल नगर निगम मुख्यालय के गेट पर सफाई कर्मचारियों का धरना जारी है। 31 अगस्त तक धरना और इसके बाद 1 से 3 सितंबर तक मंत्री आवास का घेराव आंदोलन के अगले चरण के रूप में होगा। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि अब केवल आश्वासनों से बात नहीं बनेगी। नियमित भर्ती, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा समाप्त करने सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
रिपोर्ट· अरुण शर्मा
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