राष्ट्रीय चेतना अभिव्यक्ति परिवार की काव्य संध्या में बरसी कविताओं की फुहार !
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संभल
अभिव्यक्ति मंच की इक्यावनवीं काव्य संध्या, डॉ मंजु गुप्ता की अध्यक्षता में आभासी पटल पर संपन्न हुई।संस्थापक प्रो. अरविन्द गुप्ता ने राष्ट्रीय चेतना के उद्देश्य पर प्रकाश डाला, डॉ.मैथिली राव एवं मंजु गुप्ता लता ने अभिव्यक्ति के विषय में बताते हुए सबका स्वागत किया। सचिव मीना गुप्ता ने संचालन का भार बखूबी निभाया। मुख्य अतिथि और समीक्षक बदायूँ से शैलेंद्र मिश्रा देव एवं विशिष्ट अतिथि सम्भल से व्यंग्यकवि अतुल कुमार शर्मा एवं बेंगलूरु सिटी से श्रीमती उषा उमेश गुप्ता ‘उमा’ की विशिष्ट मौजूदगी रही। परिचय क्रमशः गीता चौबे ‘गूँज’ रेणु कुकरेती एवं काव्या खन्ना द्वारा दिया गया। मांँ शारदे की वंदना डॉ. सुषमा त्रिपाठी ने की। बेंगलूरु एवं अन्य विभिन्न शहरों से कवि एवं कवत्रियों ने इस गोष्ठी में काव्य पाठ किया। डॉ उषा कंसल, डॉ. सुनीता सैनी ‘गुड्डी’ , विजेंद्र सैनी , गीता चौबे ‘गूँज’, सुदेश वत्स, नीना गुप्ता , टी. एन श्रीधर , आशा रानी शरण, डॉ. कनक लता तिवारी, डॉ. राजेश श्रीवास्तव, डॉ सुषमा त्रिपाठी, त्रिशला मिश्रा, काव्य खन्ना , मीना गुप्ता, सुरेश जांगिड़, नीना गुप्ता , भगवती सक्सेना आदि ने अपनी समसामयिक, हास्य व्यंग्य, प्रेम, सर्वोच्च संबंधों और देशभक्ति की शानदार रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि श्री शैलेंद्र मिश्र देव ने कविताओं की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय चेतना के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने एक ग़ज़ल एवं मुक्तक सुना कर सबका मन मोह लिया। अतुल शर्मा जी ने व्यंग्यात्मक रचना सुना कर सबको हँसने पर बाध्य कर दिया। उषा उमेश गुप्ता ने योग पर दोहे और मौन पर एक छंद बद्ध गीत सुना कर मंत्र मुग्ध कर दिया।अन्त में अध्यक्ष मंजु गुप्ता लता ने वर्तमान समय पर रिश्तों के रूपों को दर्शाते हुए रचना प्रस्तुत की और अध्यक्षीय उदवोधन के उपरांत सबका हार्दिक आभार व्यक्त किया।वंदेमातरम् एवं जय हिंद घोष के साथ गोष्ठी का समापन हुआ। आभासी पटल पर होने वाली यह काव्य संध्या सबके लिए प्रेरणादायक,उत्साहवर्धक एवं अविस्मरणीय रही।
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