पूरे देश को एकता में पिरो रही हमारी प्यारी हिन्दी भाषा- डॉ डी एन शर्मा
|
😊 Please Share This News 😊
|

(हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर व्यंग्य कवि अतुल कुमार शर्मा को किया सम्मानित)
सम्भल
अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला संगम द्वारा हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मांँ सरस्वती के चित्र पर कार्यक्रम अध्यक्ष रवींद्र कुमार शर्मा, मुख्य अतिथि कपिल वर्मा एडवोकेट, विशिष्ट अतिथि एवं प्रख्यात कवि अतुल कुमार शर्मा, आर्य समाज के प्रधान सुशील कुमार भगत जी, संस्था के संस्थापक डॉ डी एन शर्मा, अध्यक्ष विजयलक्ष्मी शर्मा, मंच संचालक डॉ नेहा मलय, प्रतिज्ञा गर्ग, संध्या रस्तोगी, शालिनी रस्तोगी, उपमंत्री पूजा शर्मा ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से शुभारंभ किया।अध्यक्ष डॉ विजयलक्ष्मी शर्मा ने सरस्वती वंदना एवं भारत वंदना की प्रस्तुति दी तथा उप मंत्री पूजा शर्मा ने गौ सेवा की प्रक्रिया पूर्ण कराई। इस अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए, संस्थापक डॉक्टर डी एन शर्मा जी को आमंत्रित किया। उन्होंने हिंदी दिवस मनाए जाने की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में यह निर्णय लिया था कि हिंदी केंद्र सरकार की आधिकारिक राजभाषा होगी । इसी निर्णय की स्मृति में वर्ष 1953 से पूरे भारतवर्ष में 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिंदी दिवस पखवाड़े के रूप में मनाए जाने की परंपरा प्रारंभ हुई। इस अवसर पर उन्होंने ‘आओ मिलकर हिंदी दिवस मनाएं’ सुनाकर सबको आनंदित किया। मुख्य अतिथि प्रख्यात कवि श्री कपिल कुमार एडवोकेट ने हिन्दी के अखिल भारतीय महत्व को बताने वाली कविता का पाठ कर सभी को भाव विभोर कर दिया। विशिष्ट अतिथि व प्रख्यात व्यंग्यकार अतुल कुमार शर्मा ने अपनी व्यंग्य प्रधान कविता सुनाकर सभी को तालियां बजाने के लिए बाध्य कर दिया। इसी समय अतुल कुमार शर्मा जी के जन्मदिवस पर उनको माला पहनाकर बधाइयांँ एवं शुभकामनाएं दी गईं ।विशिष्ट अतिथि श्री सुशील कुमार भगत जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हिंदी के प्रचार प्रसार में आर्य समाज का अपूर्व योगदान है। समारोह अध्यक्ष पूर्व प्रधानाचार्य श्री रविंद्र कुमार शर्मा जी ने कहा कि हिंदी पूरे भारत को एकता के सूत्र में पिरोने में पूरी तरह सफल है। स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी का अविस्मरणीय योगदान है। इस अवसर पर आए कई विद्यालयों के बाल, किशोर और युवा कवियों ने अपने मधुर कंठ से हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवियों की कविताओं का मनमोहन पाठ कर सभी श्रोताओं को आनंद विभोर कर दिया।
प्रसिद्ध कवि सुभाष चंद्र शर्मा ने हिंदी की सर्वव्यापकता और सरलता का बखान करने वाली अपनी कविता का पाठ किया। इस अवसर पर सुभाष चंद्र शर्मा, संजय कुमार अग्रवाल, प्रवीण चौधरी, नवीन प्रकाश शर्मा, शौर्य, फतेह अली, नव्या गंभीर, सोहम, काजल रानी, विशेष कुमार शर्मा, एडवोकेट मनमोहन गुप्ता, अखिल वर्मा, तुषार, भावना कुमारी, वैष्णव, कुमारी आलिया, प्रीति, सांझ देवल आदि लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ नेहा मलय ने किया।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

