AAP में सियासी घमासान तेज: नवीन जयहिंद के आरोपों से मचा बवाल, राघव चड्ढा ने दी प्रतिक्रिया !
|
😊 Please Share This News 😊
|

लेखक: अरुण शर्मा, फरीदाबाद ब्यूरो
हरियाणा और दिल्ली की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा को लेकर दिए गए जयहिंद के बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
रोहतक में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयहिंद ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर राघव चड्ढा के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि चार नेताओं की मौजूदगी में चड्ढा को “मुर्गा बनाकर पीटा गया” और उनकी आंख में चोट भी आई। जयहिंद के अनुसार, इसी चोट के इलाज के लिए चड्ढा इंग्लैंड गए थे, जिसे आम लोगों ने निजी यात्रा समझ लिया।
जयहिंद ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल और चड्ढा के बीच पिछले दो वर्षों से मतभेद चल रहे थे। उनके मुताबिक, चड्ढा को पंजाब में “शैडो सीएम” की भूमिका देकर फंड जुटाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कथित तौर पर धन के उपयोग को लेकर विवाद पैदा हुआ, जिससे दोनों नेताओं के रिश्तों में दरार आ गई।
उन्होंने कहा कि “राघव चड्ढा पार्टी के राजदार और मालदार हैं” और उन्हें खुलकर सामने आकर सच्चाई बतानी चाहिए। जयहिंद ने यह भी संकेत दिया कि वह जल्द ही इस पूरे प्रकरण में शामिल अन्य नेताओं के नाम उजागर करेंगे।
वहीं, इन आरोपों के बीच राघव चड्ढा ने भी वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के आधार पर उन्हें संसद में बोलने से रोका जा रहा है। चड्ढा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य हमेशा जनता के मुद्दे उठाना रहा है, न कि हंगामा करना।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और विवाद की जड़ें नवीन जयहिंद का राजनीतिक सफर अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से शुरू हुआ था। वह AAP के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और हरियाणा में पार्टी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, समय के साथ उनका पार्टी नेतृत्व से टकराव बढ़ता गया और अंततः उन्होंने 2022 में पार्टी छोड़ दी।
जयहिंद का व्यक्तिगत जीवन भी चर्चा में रहा। उन्होंने AAP सांसद स्वाति मालीवाल से विवाह किया था, लेकिन 2020 में दोनों का तलाक हो गया।
राजनीतिक असर
जयहिंद के आरोपों ने AAP के अंदरूनी हालात को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पार्टी की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विवाद और गहराता है, तो इसका असर हरियाणा और पंजाब की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, यह मामला आरोप-प्रत्यारोप के दौर में है, और सच्चाई सामने आने के लिए सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम पर टिकी हैं।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

